ओमप्रकाश वाल्मीकि पर मदन शर्मा का संस्मरण
( उम्र के नौ दशक पूर्ण कर चुके मदन शर्मा बहुत शांत भाव से लेखन कर्म में डूबे रहे हैं। उनका मानना है कि जितना लिखा जाये , उससे कम छपने के लिये दिया जाना चाहिए और किताब की शक्ल में तो छपे हुए में से...
View Articleचंद्रकुंवर बर्त्वालः कीट्स या रोमांटिक विद्रोही कवि
हिमवंत कवि के रूप में पहचाने जाने वाले चंन्द्रकुंवर बर्त्वाल के समग्र साहित्य को नए सिरे से परखे जाने की आवश्यकता है। मेघों के कवि या प्रकृति के चितेरे वह अवश्य हैं लेकिन इससे बढ़कर वे सामाजिक मनुष्य...
View Articleशताब्दी स्मरण: विजयदान देथा
( विजय दान देथा को उनकी जन्म शताब्दी के अवसर कथाकार और धरती के माप-जोख के गहन अनुसन्धानकर्ता अरुण कुमार ‘असफल’ ने यह आलेख विशेष रुप से ‘लिखो यहां वहां’ के लिये लिखा है। ) यह उस समय की बात है जब...
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क्या पत्रकारिता में ‘विचारधारा’ महत्वपूर्ण है? पत्रकारिता में निष्पक्षता के भ्रम की चीरफाड़ करता विचारोत्तेजक व्याख्यानवरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार भारत भूषण (बेंजवाल) 'कैच न्यूज'के संपादक, 'मेल टुडे'के...
View Articleराजेश सकलानी की लघुकथाएं
( कवियों का गद्य पढ़ना एक अलग तरह का अनुभव है। आज हम पाठकों के लिये विशेष रुप से राजेश सकलानी की कुछ लघुकथाएं प्रस्तुत कर रहे हैं । लिखे जाने के चार दशक बाद भी इनकी आभा मन्द नहीं पड़ी है।) चिड़िया...
View Articleसंतरों के उजाले - फिलिस्तीनियों की स्मृति में बसी मातृभूमि : यादवेन्द्र
मशहूर फिलिस्तीनी कलाकार स्लीमन मंसूर की कलाकृति ( निर्वासन , विस्थापन और प्रतिरोध की अभिव्यक्ति के विभिन्न कलात्मक रूपों से गुजरते हुए यादवेन्द्र ने इस आलेख में फिलिस्तीन के सांस्कृतिक...
View Articleयात्रा संस्मरण : दिनेश चंद्र जोशी
(दिनेश चन्द्र जोशी का एक संस्मरण ‘सिडनी से केनबरा’ इस ब्लॉग में प्रकाशित हो चुका है। इस बार वे लखनऊ को एक नये अन्दाज में याद कर रहे हैं. इसमें उनका व्यंग्यकार भी यात्रा के बीच कभी कभी अपनी झलक...
View Articleललन चतुर्वेदी की कविताएँ
ललन चतुर्वेदी जन्म: 10मई 1966 को नारायणी नदी के तट पर स्थित मुजफ्फरपुर (बिहार) के बैजलपुर ग्राम में प्रकाशित कृतियां: प्रश्नकाल का दौर , बुद्धिजीवी और गधे(दो व्यंग्य संग्रह)ईश्वर की डायरी,यह...
View Articleस्मृति : कांतिमोहन
( कान्तिमोहन जी पर कथाकार अरुण कुमार‘असफल’ का यह आलेख प्रकाशित करते हुए हम उनके काम और मिशन को याद करते हैं) पर कथा है शेषअरुण कुमार ‘असफल’ मुझे कांतिमोहन जी की जन्मतिथि...
View Articleअवधेश कुमार की दो प्रेम कविताएं
( अवधेश कुमार पर केन्द्रित इस विशेष सीरीज का समापन हम उनकी दो प्रेम कविताओं के साथ कर रहे हैं। ये कविताएं 1980 में प्रकाशित उनके कविता संग्रह ‘जिप्सी लड़की’ से ली गयी हैं) चीते का प्यार...
View Articleदस्तावेज: समकालीन कला पर अवधेश कुमार
( अवधेश कुमार के लेखन और वैचारिक पहलुओं के बारे में जानने के लिये उनके पत्र-पत्रिकाओं में बिखरे हुए लेखों से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. ‘हंस’में उन्होंने कई कलाकारों के कला-कर्म पर टिप्पणियाँ...
View Articleसंवेदना साहित्य में हमेशा साहित्य के बाहर से आती है : अवधेश कुमार
( अवधेश कुमार को याद करते हुए आज चौथा सप्तक में कविताओं के साथ दिये गये उनके वक्तव्य को प्रस्तुत कर रहे हैं। पिछली पोस्ट में विष्णु खरे उनके कविता संग्रह ‘जिप्सी लड़की’ के लिये लिखी गयी भूमिका दी...
View Articleअवधेश कुमार की कविताओं के बारे में: विष्णु खरे
विष्णु खरे( अवधेश जी को याद करते हुए हम आज उनकी कविता पर कवि-आलोचक विष्णु खरे के विचार दे रहे हैं। यह महत्वपूर्ण आलेख उन्होंने अवधेश के कविता-संग्रह ‘जिप्सी लड़की’ के लिये भूमिका के रूप में लिखा...
View Articleअवधेश कुमार की कहानी: पानी में तैरता शलगम
(अवधेश कुमार पर केन्द्रित इस सीरीज में आज उनकी कहानी ‘पानी में तैरता शलगम ’ राजेश सकलानी की टिप्पणी के साथ दे रहे हैं ) इस कहानी के मूल में दुनिया भर में चल रहे कला-विषयक भावोत्तेजक प्रयोग हैं।...
View Articleअवधेश कुमार स्मरण
(अवधेश कुमार पर केन्द्रित विशेष शृँखला के क्रम में कथाकार अरुण कुमार ‘असफल’ अवधेश को याद करते हुए उस वक्त के देहरादून को भी जी रहे हैं ) मैं अब भी उनके...
View Articleअवधेश कुमार की कविताएँ
अवधेश कुमार(7 - (सात जून अवधेश कुमार का जन्मदिन है।उन्होंने सृजन के लिये बहुत सारे कला-रुपों को अपनाया । आज से हम उन्हें याद करते हुए एक विशेष श्रृंखला शुरु करने जा रहे हैं। पहली कड़ी मे...
View Articleजयप्रकाश ‘नवेन्दु’ और उनकी कुछ कविताएं
(जयप्रकाश ‘नवेन्दु’ ने विपुल लेखन किया है। देहरादून की सड़कों ने सवेरे उगते हुए सूरज के साथ उन्हें विचारलीन घूमते हुए देखा है। एक वक्त था जब वे पूरी तरह कविता में डूबे हुए थे।फिर वे कविता से...
View Articleजेरार ले गुइक की कविताएँ अनुवाद: अजीत दाश
( जेरारलग्युकवर्तमानसमयकेफ्रांसीसीसाहित्यकेएकअत्यंतमहत्वपूर्णकविहैं।उनकीकविताओंकाअनुवाददुनियाकीलगभग१५भाषाओंमेंहोचुकाहै।येकविताएँमुख्यरूपसेउनकेकाव्यसंग्रह'द्वीपऔरनमककीकविताएँ' (Poèmes de l'île et...
View Article‘डोडी, मोनी और भीतर की सच्चाइयाँ’ (हिन्दी साहित्य की उपेक्षितायेँ) : रश्मि रावत
(सुप्रसिद्ध आलोचक रश्मि रावत के लेखन में समता-मूलक समाज की स्थापना में बाधक जेंडर-आधारित विषमता के सवालों से टकराने की बेचैनी निरन्तर दिखायी देती हैं. हाल ही में हिन्दवी के आयोजन ‘अनंता’ में...
View Articleविजय गौड़ की वैचारिकी -अरविंद शेखर
( विजय गौड़ की सामाजिक/ सांस्कृतिक गतिविधियों का क्षेत्र बहुत व्यापक है। विजय गौड़ के जन्म दिवस के अवसर पर उनके लेखन की वैचारिकी पर आधारित अरविन्द शेखर का आलेख प्रस्तुत है) मुक्तिबोध अक्सर पूछते थे-...
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